धांधल राठौड़ :- आस्थान के पुत्र धांधल के वंशज धांधल राठौड़ कहलाये । पाबूजी राठौड़ इसी खांप के थे । इन्होंने चारणी को दिये गए वचनानुसार पाणीग्रहण संस्कार को बीच में छोड़कर चारणी की गायों को बचाने के प्रयास में शत्रु से लड़ते हुए वीरगति प्राप्त की । यही पाबूजी लोकदेवता के रूप में पूजे जाते हैं। धांधलों के ठिकाने ( जोधपुर रियासत में ) कोलू पाबूजी ,सालवा, केरु,चीचडली, मोकलास(मोकलावास), गेलावास, रोयला, नांदेड़, बूटेलाव, जाजीयाली, सेवकी, वेगडीयास, चांदरक, आदि । बीकानेर रियासत में भी है, गुजरात में भी है।